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राउत और फडणवीस की मुलाकात: NCP और कांग्रेस में हलचल, शरद पवार और बालासाहेब थोराट पहुंचे ‘मातोश्री’

Politics Written By Digital Desk | Mumbai | Published: September 27, 2020 20:28 IST शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच शनिवार को बैठक हुई, जिसके बाद दोनों पार्टियों ने स्पष्टीकरण दिया कि ‘यह गैर राजनीतिक बैठक थी।’ वहीं इस बैठक के बाद रविवार को सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक ‘पूर्व के दोनों सहयोगियों के…

राउत और फडणवीस की मुलाकात: NCP और कांग्रेस में हलचल, शरद पवार और बालासाहेब थोराट पहुंचे ‘मातोश्री’


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शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच शनिवार को बैठक हुई, जिसके बाद दोनों पार्टियों ने स्पष्टीकरण दिया कि ‘यह गैर राजनीतिक बैठक थी।’ वहीं इस बैठक के बाद रविवार को सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक ‘पूर्व के दोनों सहयोगियों के बीच हुई बैठक को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) और कांग्रेस नाराज हैं।’

सूत्रों ने बताया कि ‘महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोराट और एनसीपी प्रमुख शरद पवार कथित तौर पर उद्धव ठाकरे के घर- ‘मातोश्री’ चर्चा करने के लिए गए हैं।’

बता दें कि फडणवीस और राउत ने बैठक के बाद कहा था कि यह बैठक ‘गैर-राजनीतिक’ थी और एक ‘इंटरव्यू’ से संबंधित थी।

संजय राउत ने की फडणवीस से मुलाकात

शनिवार को महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना सांसद संजय राउत के साथ मुंबई के एक होटल में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बैठक चली। पूर्व सहयोगियों के बीच हुई इस मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है।

इंटरव्यू के लिए हुई थी बैठक

वहीं महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि ‘राउत के साथ फड़णवीस की यह बैठक शिवसेना के मुखपत्र सामना के इंटरव्यू के लिए थी। उन्होंने कहा कि ‘जब इंटरव्यू  हो गया है, तब फडणवीस ने राउत को इंटरव्यू को प्रसारित करने के लिए कहा। फडणवीस एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बाद दूसरे गैर-शिवसेना नेता हैं, जिनका इंटरव्यू सामाना द्वारा लिया जाएगा।

कांग्रेस के संजय निरुपम और एनसीपी सांसद मजीद मेमन जैसे कई राजनीतिक नेताओं ने बैठक पर सवाल उठाए, राउत ने पुष्टि की कि यह बैठक ‘सामाना’ इंटरव्यू के लिए थी, जिससे राज्य में राजनीतिक आयाम नहीं बदलेगा। 

राउत ने शिवसेना और भाजपा ने ‘वैचारिक मतभेद ’से सहमत होते हुए कहा कि ‘दोनों पार्टियां दुश्मन नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी भाजपा नेता के साथ हुई बैठक के बारे में जानते हैं।

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ऐसे खत्म हुआ भाजपा-सेना का गंठबंधन

2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले, शिवसेना ने दोहराया था कि वह केवल 50:50 फॉर्मूले को स्वीकार करेगी, जबकि बीजेपी ने इस तरह के फॉर्मूले पर सहमति देने से इनकार कर दिया। भाजपा ने कथित तौर पर अपने मंत्रिमंडल में 26 मंत्रालय को रखते हुए सेना के लिए 13 कैबिनेट विभागों की पेशकश की। इस  दौरान शिवसेना ने सीएम पद पर भी 2।5 साल की साझेदारी की मांग की। देवेंद्र फडणवीस ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि ‘अगला सरकार का गठन भाजपा के मुख्यमंत्री के तहत होगा।’ गतिरोध दूर नहीं होने के साथ, शिवसेना ने एनसीपी-कांग्रेस के साथ गठबंधन किया और ठाकरे ने 27 नवंबर को पहले ठाकरे सीएम के रूप में शपथ ली।

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